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रंगकर्मी स्व. ब्रजेन्द्र लाल शाह जी को सपर्पित सांस्कृतिक संस्था

July 06, 2017
ब्रजेन्द्र लाल शाह थिएटर सोसाइटी (पूर्व में लोकरंग संस्था) उत्तराखंड के प्रसिद्ध रंगकर्मी और साहित्यकार स्व.ब्रजेन्द्र लाल शाह जी को ...Read More

बिनसर घाटी का खशिया देवता चरवाहा कलबिष्ट..लेख : लक्ष्मण सिंह बिष्ट "बटरोही"

July 04, 2017
हमारी विरासत बिनसर घाटी का खशिया देवता चरवाहा कलबिष्ट और  दुष्ट सामंत नौलखिया पांडे के षड्यंत्र का कुमाऊँनी जागर. उत्तराखंड के ...Read More

वीर भड़ माधोसिहं भंडारी द्वरा निर्मित गूल : राकेश पुंडीर

May 22, 2017
सोलवीं शताब्दी के प्रथमार्ध में गढ़वाल के महाराजा महपतशाह का शासन था. उस दौरान औरंगजेव अपने जीवन के किशोरवय में रहा होगा और कदाचित महान शिव...Read More

कुमाउनी और गढ़वाली संस्कृति में जागर : डॉ.ललित योगी

May 08, 2017
        जागर का मतलब होता है जगान या जागरण. उत्तराखण्ड तथा नेपाल के पश्चिमी क्षेत्रोँ में कुछ ग्राम देवताओँ जैसे गंगनाथ, गोलु, भनरीया, काल...Read More

'वनै-वनै काफल किलमड़ौ छ'... गुमानी पन्त जी की कुछ कुमाउँनी रचनाएँ

April 08, 2017
कुमाउंनी भाषा के प्रथम कवि और गोरखा और ब्रितानी शासकों के जुल्म पर बेखोफ लिखने वाले लोकरत्न गुमानी पन्त जी का जन्म 1790 में काशीपुर में ह...Read More